सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

निष्ठा FLN प्रशिक्षण मॉड्यूल 10 की प्रश्नोत्तरी || Nishtha FLN 3.0 Module 10 Answer Key

  

निष्ठा FLN प्रशिक्षण मॉड्यूल 10 की प्रश्नोत्तरी 

|| Nishtha FLN 3.0 Module 10 Answer Key




निष्ठा FLN 3.0 प्रशिक्षण 2021 के अंतर्गत निष्ठा FLN प्रशिक्षण मॉड्यूल 10 में सभी राज्यों के लिए माह फरवरी 2022 में मॉड्यूल “टीचिंग, लर्निंग और असेसमेंट में आईसीटी” का प्रयोग सीखने का आकलन निर्धारित है। Diksha App पर उपलब्ध इस प्रशिक्षण को पूर्ण करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2022 है। इस पोस्ट में आप निष्ठा प्रशिक्षण मॉड्यूल 10 की प्रश्नोत्तरी के सभी संभावित प्रश्न UP. MP HR, UK, GJ, RJ, CG Nishtha FLN 3.0 Module 10 “Learning Assessment” Quiz Question and Answer Key और उनके उत्तर जान सकेंगे। 


“टीचिंग, लर्निंग और असेसमेंट में आईसीटी का प्रयोग ” नामक प्रशिक्षण मॉड्यूल के अंत में मूल्यांकन हेतु प्रश्नोत्तरी दी गई है। सभी प्रतिभागियों को रैंडम तरीके से चुने हुए 20 प्रश्नों के उत्तर देने हैं। निष्ठा मॉड्यूल 10 प्रश्नोत्तरी में 70% अंक प्राप्त करने पर ही प्रमाण पत्र प्राप्त होगा। आप जितनी बार प्रश्नोत्तरी हल करेंगे, हर बार कुछ प्रश्न बदल दिये जायेंगे। उनके विकल्पों का क्रम भी बदल जाएगा।

यहाँ पर लगभग सभी संभावित प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए हैं। निष्ठा मॉड्यूल 9 प्रश्नोत्तरी हल करने की समस्या होने पर यहाँ पढ़कर समझ सकेंगें | प्रश्नों का क्रम भले ही अलग हो सकता है। आप सभी से अनुरोध है कि निष्ठा 3.0 भी प्रशिक्षण मन लगाकर पूरा करें क्योंकि यह आपकी कार्यक्षमता में सुधार लाएगा। यह प्रश्नोत्तरी केवल आपके मार्ग दर्शन के लिए है।

Official PortalLog in to Diksha

Answer key

प्रश्न (1) : एक बच्चा अपने बाएँ हाथ से लिखता है और इस तरह काम करने में सहज है, उसे चाहिए

  • दाएँ हाथ से लिखने के लिए तैयार करना
  • चिकित्सा सहायता लेने के लिए भेजना
  • हतोत्साहित करना
  • उत्तर-उसकी पसंद को प्रोत्साहित करना

प्रश्न (2) : बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की अवधारणा…. बच्चों पर लागू होती है।

  • उत्तर-3-9 वर्ष आयु वर्ग के
  • 6-14 वर्ष आयु वर्ग के
  • 5-13 वर्ष आयु वर्ग के
  • 3-10 वर्ष आयु वर्ग के

प्रश्न (3) : बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) को सुदृढ़ करने हेतु विद्यालय नेतृत्व के लिए कौन-सा मॉडल उपयुक्त नहीं है?

  • परिवर्तनकारी नेतृत्व
  • अनुकूलक नेतृत्व
  • सहयोगात्मक नेतृत्व
  • उत्तर-अकादमिक नेतृत्व

प्रश्न (4) : इनमें से कौन सी अवधारणा विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) के नेतृत्व हेतु प्रासंगिक नहीं है?

  • बच्चे प्रेरित विद्यार्थी बनते हैं
  • उत्तर-समुदाय और अभिभावक के साथ संवाद नहीं करना
  • सांस्कृतिक रूप से उत्तरदायी शिक्षण संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सक्षम करना
  • 3-9 वर्ष आयु वर्ग के लिए प्रासंगिक शिक्षाशास्त्र पर शिक्षकों की कोचिंग

प्रश्न (5) : हितधारकों के साथ सहयोगात्मक प्रक्रिया….. प्रोत्साहित कर सकती हैं।

  • बच्चों की पढ़ने की आदतों को
  • शिक्षकों के बीच समय की पाबंदी को
  • विद्यार्थियों के बीच रचनात्मकता को
  • उत्तर-विद्यार्थियों के सीखने के प्रतिफलों हेतु साझा जवाबदेही को

प्रश्न (6) : शिक्षकों को नयी जानकारी प्रस्तुत करनी चाहिए और इसे उन चीजों के साथ जोड़ना चाहिए, जिन्हें बच्चे

  • उत्तर-पहले से ही जानते हैं
  • नहीं जानते हैं
  • जानना नहीं चाहते हैं
  • सीखने के लिए प्रतिरोधी हैं

प्रश्न (7) : 3-9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए इनमें से कौन-सा शिक्षाशास्त्र प्रासंगिक नहीं है?

  • खेलपरक
  • उत्तर-सुकरात संवाद
  • गतिविधि आधारित
  • खिलौना आधारित

प्रश्न (8) : एक नेतृत्वकर्ता 3-6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को के माध्यम से संलग्न कर सकता है।

  • व्याख्यान विधि
  • प्रदर्शन विधि
  • उत्तर-खेल आधारित शिक्षाशास्त्र
  • वैज्ञानिक प्रयोगों

प्रश्न (9) : विद्यालय नेतृत्व कर सकता है –

  • उत्तर-बच्चों के बीच सुदृढ़ प्रारंभिक अधिगम क्षमता का निर्माण
  • विद्यालय प्रमुख के दिन-प्रतिदिन के प्रबंधन में मदद
  • विद्यालय प्रमुख में अनुशासन लाना
  • शिक्षक प्रबंधन में सहायता

प्रश्न (10) : इनमें से कौन विद्यालय-परिवार-समुदाय के बीच एक प्रकार की भागीदारी नहीं है?

  • संचार करना
  • पालन-पोषण करना
  • उत्तर-सहभागिता करना
  • स्वयंसेवा (वालंटियर) करना
  •  
  • प्रश्न (11) : बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के संदर्भ में विद्यालय विकास योजना हेतु इनमें से क्या आवश्यक है?
  •  
    • प्रशासनिक कार्य
    • उत्तर-3-9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की विकास संबंधी आवश्यकताओं की योजना बनाना
    • विद्यालय का तकनीकी उन्नयन
    • स्टाफ़ का व्यावसायिक विकास

    प्रश्न (12) : एक शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्वकर्ता की भूमिका है।

    • उत्तर-बच्चों के लिए विभिन्न शैक्षणिक अभ्यासों पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करना
    • बच्चों को अनुशासित करना
    • अभिभावक को गलत सूचना प्रदान करना
    • ग्रेड देने के क्रम में बच्चों का आकलन करना

    प्रश्न (13) : निम्नलिखित में से कौन-सा बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान का विकासात्मक लक्ष्य नहीं है?

    • उत्तर-बच्चों का प्रभावी पाठक बनना
    • बच्चों का प्रभावी संचारक बनना
    • बच्चों का संबद्ध विद्यार्थी बनना और तात्कालिक माहौल से जुड़ना
    • बच्चों का स्वास्थ्य और कल्याण बनाए रखना

    प्रश्न (14) : 3-9 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के साथ व्यवहार करते समय एक नेतृत्वकर्ता का सही रवैया क्या होना चाहिए?

    • भेदभावपूर्ण रवैया
    • कठोर व्यवहार
    • सख्त आचरण
    • उत्तर-सकारात्मक और लचीली मानसिकता

    प्रश्न (15) : शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्व विशेषज्ञता का एक व्यापक क्षेत्र है जिसमें एक नेतृत्वकर्ता के पास……. होने की आवश्यकता होती है

    • उत्तर-3-9 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए उपयोगी शिक्षाशास्त्रों का गहन ज्ञान
    • 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए लेन-देन परक शिक्षाशास्त्र का ज्ञान
    • प्राथमिक कक्षा के शिक्षण विषयों की समझ
    • प्रयोगात्मक मॉडल की समझ

    प्रश्न (16) : विज़न के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?

    • विज़न स्टेटमेंट में भविष्य के प्रयोजनों की झलक मिलनी चाहिए
    • विज़न को एक दिशा में होना चाहिए
    • उत्तर-भविष्य दृष्टि की कोई निर्दिष्ट समय-सीमा नहीं होती है
    • विज़न मूल्य संचालित होना चाहिए

    प्रश्न (17) : परिवर्तनकारी नेतृत्व के लिए इनमें से कौन-सा सही नहीं है?

    • एक साझी विज़न का निर्माण
    • शिक्षकों का व्यावसायिक विकास
    • उत्तर-वित्तीय प्रबंधन
    • शिक्षकों को प्रेरित करना

    प्रश्न (18): विद्यालय किस प्रकार विभिन्न परिवारों को बाल शिक्षा में शामिल नहीं कर सकते हैं?

    • परिवारों के साथ जानकारी और ज़िम्मेदारी साझा करके
    • परिवारों की आवश्यकताओं को संबोधित करके
    • उत्तर-विद्यार्थियों को केवल गृहकार्य देकर
    • परिवारों के साथ जुड़ाव पर भरोसा करके

    प्रश्न (19) : नेतृत्व के किस मॉडल में, बच्चों की सांस्कृतिक और भाषाई पृष्ठभूमि के आधार पर विद्यालयी प्रक्रियाओं को निर्मित करने की बात की जाती है

    • नवाचारी नेतृत्व
    • रणनीतिक नेतृत्व
    • उत्तर-संदर्भ-विशिष्ट नेतृत्व
    • अकादमिक नेतृत्व

    प्रश्न (20) : एक नेतृत्वकर्ता का वह गुण, जो प्रारंभिक स्तर पर सीखने के लिए उपयुक्त नहीं है

    • भरोसा पैदा करना
    • उत्तर-सत्तावादी होना
    • बच्चे को केंद्र में रखना
    • लचीली मानसिकता




    • प्रश्न (21) : निम्नलिखित में से कौन एक अनुकूलक नेतृत्वकर्ता की विशेषता नहीं है?

      • उत्तर-लोगों की नहीं सुनना
      • भरोसा पैदा करना
      • प्रभाव डालना
      • कठिन और बहुआयामी चुनौतियों का सामना करना

      प्रश्न (22) : प्रभावी विद्यालय-अभिभावक के जुड़ाव में विश्वास करने वाले नेतृत्वकर्ताओं के यह कहने की अधिक संभावना है कि

      • केवल अंग्रेजी बोलने वाले अभिभावक ही अपने बच्चों की मदद कर सकते हैं
      • उत्तर-सभी अभिभावक अपने बच्चों का समर्थन कर सकते हैं
      • केवल कुछ अभिभावक ही अपने बच्चों का समर्थन कर सकते हैं
      • गरीब अभिभावक अपने बच्चों का समर्थन नहीं कर सकते

      प्रश्न (23) : एक नेतृत्वकर्ता को 3-9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के आकलन का आयोजन करना चाहिए

      • उन्हें वर्गीकृत करने के लिए
      • रैंक के अनुसार उन्हें रोक रखने के लिए
      • उनकी ग्रेडिंग के लिए
      • उत्तर-उनकी क्षमता, आवश्यकता और रुचियों का आकलन करने के लिए

      प्रश्न (24) : सहयोगात्मक नेतृत्व की विशेषताओं में से एक है –

      • उत्तर-हितधारकों के बीच परस्पर विश्वास और सम्मान का निर्माण
      • साक्षरता और संख्यात्मक विकास
      • बच्चों का सामाजिक-भावनात्मक विकास
      • बच्चों का संज्ञानात्मक विकास

      प्रश्न (25) : बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के संदर्भ में वयस्क और बच्चे के बीच क्या संबंध होना चाहिए?

      • उत्तर-भयमुक्त और आनंदपूर्ण
      • शिक्षक-विद्यार्थी
      • भावनात्मक दूरी बनाए रखना
      • अनुशासन परक

      प्रश्न (26) : बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) को सुदृढ़ करने हेतु विद्यालय नेतृत्व के लिए कौन-सा मॉडल उपयुक्त नहीं है?

      • अनुकूलक नेतृत्व
      • उत्तर-अकादमिक नेतृत्व
      • परिवर्तनकारी नेतृत्व
      • सहयोगात्मक नेतृत्व

      प्रश्न (27) : कक्षा 3 बच्चों के लिए सीखने का एक महत्वपूर्ण चरण है, क्योंकि यह बदलाव का प्रतीक है।

      • ‘पढ़ने के लिए सीखना’ से ‘लिखने के लिए पढ़ना’ में
      • ‘लिखने के लिए सीखना’ से ‘सीखने के लिए पढ़ना’ में
      • ‘लिखने के लिए सीखना’ से ‘लिखने के लिए पढ़ना’ में
      • उत्तर-‘पढ़ने के लिए सीखना’ से ‘सीखने के लिए पढ़ना’ में

      प्रश्न (28) : एक पाठ को सटीकता, गति, अभिव्यक्ति और समझ के साथ पढ़ने की क्षमता, जो बच्चों को पाठ से अर्थ निकालने के लिए सक्षम बनाना, कहलाता है।

      • कूटवाचन (डिकोडिंग)
      • पढ़ने की समझ
      • उत्तर-धाराप्रवाह पढ़ना
      • मौखिक भाषा विकास

      प्रश्न (29) : ‘संचार’ की भागीदारी के प्रकार में शामिल है

      • यह विश्वास करना कि अभिभावक बच्चों के सीखने को प्रोत्साहित नहीं कर सकते
      • अभिभावक से बात न करना
      • उत्तर-अभिभावक के साथ बच्चों के पोर्टफोलियो पर नियमित रूप से चर्चा करना
      • अभिभावक को सूचित करना कि उनके बच्चे कार्य-प्रदर्शन में सक्षम नहीं हैं

      प्रश्न (30) : उस पद को चिह्नित करें, जिसे विद्यालय में बच्चे की प्रगति में सीखने के अंतराल (लर्निंग गेप) को लगातार बढ़ने के रूप में समझा जा सकता है

      • उत्तर-सीखने की क्षमता में संचयी कमी
      • सीखने की क्षमता में कुल कमी
      • पढ़ने की क्षमता में कुल कमी
      • लिखने की क्षमता में संचयी कमी
      • प्रश्न (31) : इनमें से कौन शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्व के ढांचे का हिस्सा नहीं है?

        • सीखने-सिखाने की प्रक्रियाओं को सक्षम करना
        • उत्तर-विज्ञान प्रयोगशालाओं में प्रयोगों का नेतृत्व करना
        • विज़न एवं पाठ्यचर्या लक्ष्यों को परिभाषित करना
        • हितधारकों के साथ नेटवर्क बनाना

        प्रश्न (32) : इनमें से किसे एक “प्रवेश द्वार कौशल” के रूप में माना जा सकता है जो औपचारिक विद्यालयी शिक्षा प्रक्रियाओं में बच्चे के प्रवेश को चिह्नित करता है?

        • प्रारंभिक पठन एवं लेखन कौशल
        • उत्तर-प्रारंभिक साक्षरता और संख्या ज्ञान कौशल
        • प्रारंभिक बोलने के कौशल
        • प्रारंभिक गणितीय कौशल

        प्रश्न (33) : निम्नलिखित में से कौन ‘लर्निंग एट होम’ (घर पर सीखना) की भागीदारी के प्रकार में शामिल नहीं है?

        • बच्चों की सीखने की ज़रूरतों, रुचियों और ताकतों के बारे में समझने में अभिभावक की मदद करना
        • उत्तर-यदि अभिभावक निरक्षर हैं, तो उनके साथ भेदभाव करना
        • शिक्षकों का अभिभावक के साथ चर्चा करना कि वे घर पर सीखने का माहौल कैसे बना सकते हैं
        • अभिभावक के साथ उन गतिविधियों की एक सूची साझा करना, जो वह सीखने में सहायता के लिए घर पर कर सकते हैं

        प्रश्न (34) : 3-9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के सीखने के आकलन हेतु उपयुक्त रणनीतियों में से एक होगी

        • बच्चों को निर्धारित दिनचर्या का पालन करने के लिए कहना
        • मासिक परीक्षण करना
        • चित्रात्मक जानकारी एकत्र करना
        • उत्तर-विविध गतिविधियां करते हुए बच्चों का अवलोकन करना

        प्रश्न (35) : नेतृत्वकर्ता पूर्व-प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के साथ प्रभावी संबंध कैसे बना सकता है?

        • उत्तर-बच्चों की विकासात्मक आवश्यकताओं के बारे में शिक्षकों के साथ चर्चा करके और योजना बनाकर
        • शिक्षकों को एक सख्त दिनचर्या का पालन करने के लिए कहकर
        • विद्यालय खाते का विवरण साझा करके
        • शिक्षकों को 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करके

        प्रश्न (36) : विद्यालय में प्रातःकाल आगमन समय को बनाये रखने के लिए पहली कक्षा के शिक्ष को कौन-सी रणनीति अपनानी चाहिए?

        • देर से आने वालों को विद्यालय प्रमुख के कार्यालय में भेजना
        • उत्तर-बच्चों के लिए सामूहिक पठन जैसे नियमित आगमन कार्यों की शुरुआत करना, ताकि उन्हें समय पर आने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके
        • बच्चों को कुछ न कहना
        • आगमन समय के आधार पर अंक पाने और खोने की प्रणाली

        प्रश्न (37) : सहयोगात्मक नेतृत्व की विशेषताओं में से एक है –

        • बच्चों का संज्ञानात्मक विकास
        • बच्चों का सामाजिक-भावनात्मक विकास
        • साक्षरता और संख्यात्मक विकास
        • उत्तर-हितधारकों के बीच परस्पर विश्वास और सम्मान का निर्माण

        प्रश्न (38) : बच्चों की तर्क करने और दैनिक जीवन में सरल संख्यात्मक अवधारणाओं को प्रयोग करने की क्षमता को …..के भाग के रूप में माना जा सकता है।

        • प्रारंभिक साक्षरता
        • उत्तर-प्रारंभिक संख्या ज्ञान
        • प्रारंभिक श्रवण
        • प्रारंभिक मापन

        प्रश्न (39) : शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्वकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी विद्यालयी प्रक्रियाओं में …………

        • प्रधानाचार्य केंद्र में रहे
        • शिक्षक केंद्र में रहे
        • विद्यालय केंद्र में रहे
        • उत्तर-बच्चे केंद्र में रहें

        प्रश्न (40) : शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्व सकारात्मक रूप से प्रभाव डालता है

        • नेतृत्वकर्ता के कल्याण पर
        • उत्तर-बच्चों की सीखने की क्षमता पर
        • शिक्षक व्यवहार पर
        • विद्यालय की चारदीवारी के निर्माण पर


























टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

राजस्थान का भूगोल ( मृदाएँ:- पटवार एंव रीट के मुख्य प्रश्न )

 

जल संसाधन ,सिंचाई परियोजनाएं एंव जल संरक्षण (for ssc reet students and patwari exam.)

  जल संसाधन ,सिंचाई परियोजनाएं एंव जल संरक्षण  जल  जीवन है और सम्पूर्ण प्रगति का आधार है। राजस्थान जैसे राज्य के लिए जल का महत्त्व और  भी अधिक हो जाता है ,क्योंकि इसका आधे से अधिक भाग शुष्क एंव अर्द्ध शुष्क है ,जहाँ वार्षिक वर्षा का औसत 25 से. मी. से कम है। इस प्रदेश में सूखा और अकाल सामान्य हैं                राजस्थान में जलापूर्ति के जो जल -संसाधन उपलब्ध हैं ,उनमें नदियाँ ,झीलें ,तालाब एंव भू-जल प्रमुख हैं, इसके अतिरिक्त विभिन्न परियोजनाओं विशेषकर नदी घाटी योजनाओं के अंतर्गत निकाली गई नहरें राज्य में जलापूर्ति का प्रमुख साधन हैं।                          राज्य के जल संसाधनों का संक्षिप्त विवेचन अग्रलिखत है - सतही जल संसाधन (Surface Water Resources) भू-जल संसाधन (Underground Water Resources) सतही जल संसाधन (Surface Water Resources)            राजस्थान के सतही जल संसाधनों  नदियाँ ,झीलें तथा तालाब प्रमुख हैं। य...

राजस्थान का सामान्य ज्ञान SSC and Reet Important questions

    राजस्थान का सामान्य ज्ञान  राजस्थान के प्रथम नागरिक , प्रथम   महिला  व व्यक्तित्व पर राजस्थान की सभी परीक्षाओं सहित , केन्द्र व अन्य  राज्यों की परीक्षाओं में अनेक प्रश्न पूछे जाते रहे है। इसलिए परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए यहां सम्पूर्ण सूची नीचे दी जा रही है।  इसलिए इन्हें याद करना बहुत जरूरी है। ताकि परीक्षा में आप सफलता पा सके। राजस्थान के प्रथम नागरिक  प्रमुख नगरों  के उपनाम  प्रमुख राजवंश एंव उनके राज्य  मुख्य नगर एंव उनके संस्थापक  प्रमुख राजा एंव उनका काल  राजस्थान के प्रथम नागरिक  राजस्थान राज्य के प्रथम प्रमुख महाराजा   :- महाराणा भूपाल सिंह (उदयपुर ) राजस्थान राज्य के प्रथम प्रमुख राजा : - सवाई मानसिंह (जयपुर ) राजस्थान राज्य के प्रथम मुख्य मंत्री :-  पंडित  हीरा लाल शास्त्री  (7 अप्रेल 1949 से 5 जनवरी 1951 ) राजस्थान राज्य के प्रथम निर्वाचित मुख्य मंत्री :- टीका राम पालीवाल (३मार्च 1952 से 31 अक्टूबर 1952  तक ) राजस्थान राज्य के प्रथम राजय...